चांद पर कदम रखने वाले पहले भारतीय राकेश शर्मा से जुड़ी 15 अनसुनी बातें

पूरी दुनिया में भारत ने हर क्षेत्र में कहीं ना कहीं अपना परचम लहराया है। उन्हीं में एक थे Rakesh Sharma जो पहले भारतीय अंतरिक्ष यात्री थे जिन्होंने चांद पर कदम रखा। Rakesh Sharma Biography के बारे में हर कोई जानना चाहेगा क्योंकि वे देश का गौरव हैं और आज भी वे ISRO में एक प्रतिष्ठित पर कार्यरत हैं। राकेश शर्मा के जीवन का एक ही उद्देश्य रहा है कि वे भारत को ऐसी ऊंचाईयों पर पहुंचाए जहां से हर कोई कहे ‘सारे जहां से अच्छा हिंदोस्तां हमारा’।

रोचक सफर में आज हम आपको राकेश शर्मा के जीवन से जुड़ी हर छोटी-बड़ी बातें बताएंगे। उन्होंने किस तरह अपने सफर को शुरु किया और उस मुकाम को हासिल किया जिसपर हर भारतीय को उनके ऊपर गर्व है। Rakesh Sharma biography in hindi को पढ़कर आपको प्रेरणा मिलेगी।

राकेश शर्मा से जुड़ी अनसुनी बातें | Rakesh Sharma Biography

Rakesh sharma
Image Courtesy : DNA India

1. राकेश शर्मा का जन्म 13 जनवरी, 1949 को पंजाब के पटियाला में हुआ था। इनके पिता देवेंद्र शर्मा प्राइवेट नौकरी करते थे और इनकी माता तृत्पा शर्मा हाउसवाइफ थीं।

2. राकेश जी की शुरुआती शिक्षा हैदराबाद के सेंट जॉर्ज ग्रामर स्कूल में हुई और इसके बाद इन्होंने हैदराबाद उस्मानिया यूनिवर्सिटी से स्नातक की पढ़ाई की।

3. साल 1966 में राकेश जी का चयन राष्ट्रीय सुरक्श अकादमी (NDA) में हुआ और ये इंडियन एयर फोर्स में कैडेट के रूप में शामिल हुए। एनडीए पास करने के बाद साल 1970 में इन्हें भारतीय वायु सेना में टेस्ट पायलट के रूप में चयनित किया गया।

4. साल 1971 के भारत-पाक युद्ध में इन्होंने मिग एयर क्राफ्ट से अहम सफलता हासिल की। अपनी योग्यता और मेहनत के बल पर वे आगे बढ़ते रहे और साल 1984 में स्क्वाड्रन लीडर के पद नियुक्त हुए।

5. साल 1982 में इनका चयन भारतीय स्पेस रिसर्च सेंटर और सोवियत संघ के एक संयुक्त अंतरिक्ष मिशन के लिए किया गया। इसके तहत इन्हें अंतरिक्ष यात्रा करने का खास मौका मिला।

6. भारत और सोवियत संघ के इस संयुक्त अंतरिक्ष मिशन में चयन के बाद राकेश शर्मा को सोवियत संघ के कज़ाकिस्तान में स्थित बैकानूर में अंतरिक्ष परिक्षण के लिए भेजा गया। इनके साथ दूसरे भारतीय रवीश मल्होत्रा भी गए थे।

7. 3 अप्रैल, 1984 को सोवियत संघ के बैकानूर से सोयूज टी-11 अंतरिक्ष यान ने तीन अंतरिक्ष यात्रियों के साथ उडान भरी थी। इसमें राकेश शर्मा के अलावा अंतरिक्ष यान के कमांडर वाई.वी.मालिशेव और फ्लाइट इंजीनियर जी.एम. स्ट्रकोलॉफ़ थे।

Rakesh sharma
Image Courtesy : OrissaPOST

8. अंतरिक्ष यान सोयूज टी-11 ने सफलतापूर्वक तीनों यात्रियों को सोवियत रूस के ऑर्बिटल स्टेशन सेल्यूत-7 पहुंचा दिया। राकेश शर्मा ने अंतरिक्ष में कुछ 7 दिन 21 घंटे और 40 मिनट का समय बिताया था।

9. 43 प्रयोग करने के बाद वैज्ञानिक और तकनीकी अध्ययन में इस अंतरिक्ष दल को शामिल किया गया। इस मिशन पर Rakesh Sharma को बायो-मेडिसिन और रिमोट सेंसिंग के क्षेत्र की जिम्मेदारी दी गई।

10. इस अंतरिक्ष यात्रा के दौरान भारत की तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के साथ एक जॉइंट टेलीविजन न्यूज़ कॉन्फ्रेंस की गई। जब इंदिरा जी ने Rakesh Sharma से बात की तो उन्होंने पूछा कि अंतरिक्ष से अपना भारत कैसा दिखता है? तब राकेश शर्मा ने मुस्कुराते हुए कहा, ‘सारे जहां से अच्छा….’ इस मिशन के साथ ही भारत अंतरिक्ष में मानव भेजने वाले देशों में शामिल हो गया।

11. भारत ऐसा करने वाला विश्व में 14वां देश बन गया था। इस महत्वपूर्ण पल को लाखों भारतवासियों ने अपने टेलीविज़न पर लाइव देखा था। इसके बाद राकेश शर्मा ने भारतीय वायु सेना से विंग कमांडर के पद की कमान संभाली। Rakesh Sharma हिंदुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड में टेस्ट पायलट के तौर पर काम करने लगे थेष

12. अंतरिक्ष से वापस लौटने के बाद सोवियत सरकार ने इन्हें हीरो ऑफ सोवियत यूनियन के सम्मान से नवाजा। भारत सरकार ने भी उन्हें शांति-काल के सबसे उच्च बहादुरी पुरस्कार ‘अशोक चक्र’ से सम्मानित किया था।

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Image Courtesy : The Samikhsya

13. राकेश शर्मा ने कर्नल पी.एन. शर्मा की बेटी से शादी की और इन्होंने रूस घूमने के दौरान रूसी भाषा भी सीखी थी। इन्हें दो बच्चे हुए जिनमें से एक बेटा कपिल है जो निर्देशक है और बेटी कृतिका है जो मीडिया कलाकार है।

14. साल 2006 में Rakesh Sharma ने भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) की एक समिति में भाग लिया और इसने एक नए भारतीय अंतरिक्ष उड़ान कार्यक्रम को स्वीकृति दी थी।

15. राकेश शर्मा 70 साल की उम्र में भी काम से रिटायर नहीं हुए और इस समय वे बेंगलुरू में ऑटोमेटेड वर्कफ्लोर कंपनी में बोर्ड चेयरमैन के पद पर कार्यरत हैं।

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