पुण्यतिथि: 16 गोलियां मारने के बाद Gulshan Kumar की चीखें सुनता रहा अबु सलेम

पुण्यतिथि: 16 गोलियां मारने के बाद Gulshan Kumar की चीखें सुनता रहा अबु सलेम

कहा जाता है कि अच्छे लोगों को भगवान जल्दी अपने पास बुला लेते हैं क्योंकि उनका गुजारा इस पाप की दुनिया में नहीं होना होता है। अगर हम बात करने बैठे तो बहुत से ऐसे लोग हैं जिनका निधन कम उम्र में हो गया लेकिन Gulshan Kumar एक ऐसे आर्टिस्ट थे जिनकी हत्या सिर्फ इस वजह से हुई क्योकि उन्होंने अंडरवर्ल्ड के लोगों को उनका खर्चा-पानी नहीं दिया। जी हां आज यानी 12 अगस्त को भजन सम्राट कहे जाने वाले गुलशन कुमार की पुण्यतिथि है, आज के ही दिन उन्हें अबु सलेम के आदमियों ने मौत के घाट उतार दिया था।

Gulshan Kumar का जन्म करियर की शुरुआत

Gulshan Kumar
Image Courtesy : Patrika

5 मई, 1956 को दिल्ली के पंजाबी परिवार में जन्में गुलशन कुमार एक मध्यम परवार से बिलॉन्ग करते थे। उन्होंने बचपन से ही बड़े सपने देखने शुरु कर दिए थे। गुलशन कुमार ने अपनी पढ़ाई दिल्ली से ही की लेकिन आर्थिक स्थिति अच्छी ना होने पर उन्हें पढ़ाई छोड़नी पड़ी। फिर बहुत कम उम्र में उन्होने जूस की दुकान खोल ली और इसके जरिए वे अपनी गायकी का शौक भी पूरा करते थे। गुलशन कुछ ओरिजनल गानों को अपनी आवाज में रिकॉर्ड करवाकर सस्ते में कैसेट बेचते थे। इस दौरान उन्होंने कुछ रुपय इकट्ठा कर लिये और नोएडा में अपनी कैसेट कंपनी खोली जिसका नाम सुपर कैसेट्स इंडस्ट्री था और बाद में अपने बिजनेस को उन्होंने मुंबई में शिफ्ट कर ली।

टी-सीरीज की स्थापना (T-Series)

Gulshan Kumar
Image Courtesy : Loudest

साल 1983 में गुलशन कुमार ने T-Series नाम की म्यूजिक कंपनी खोली और अपने पुराने काम को इसी में मिला लिया। इस म्यूजिक कंपनी के तहत ना जाने कितनी फिल्मों के सुपरहिट गाने रिकॉर्ड हो चुके हैं। इसमें महेश भट्ट की सभी फिल्में हैं और इसके अलावा भी बहुत सारे गाने जो आपको पसंद हैं इसी कंपनी में रिकॉर्ड किए गए थे। गुलशन कुमार रात दिन मेहनत करके अपनी कंपनी को भारत के टॉप 20 म्यूजिक कंपनी में टी-सीरीज को ले आए। इसके बाद गुलशन कुमार ने खुद भी गाना शुरु किया जिसमें वे ज्यादातर भक्ति गाने गाते थे और असल में भी वे मां दुर्गा के भक्त थे।

गुलशन कुमार की मृत्यु (Gulshan Kumar Death)

Gulshan Kumar
Image Courtesy : Amar Ujala
गुलशन कुमार की कामयाबी अंडरवर्ल्ड को चुभने लगी और अबु सलेम ने गुलशन कुमार को फोन करके 10 करोड़ मांगे। गुलशन जी ने मना किया कि जो पैसे वे अबु के देंगे उससे अच्छा है कि वे वैष्णों देवी में इतने रुपये लगाकर गरीबों के लिए भंडारा करवा दें इससे उन्हें पुण्य मिलेगा। बहुत समय तक फोन का ऐसा ही जवाब देने पर 12 अगस्त, 1997 को गुलशन कुमार जब मुंबई स्थित जीतेश्वर महादेव के मंदिर में पूजा करके वापस आ रहे थे तब उनके ऊपर लगातार 16 गोलियां चली। उन्हें मारने वाला अब्दुल रॉफ मर्चेंट उर्फ राजा था और ये गोलियां अबु सलेम ने चलवाई थी। एस. हुसैन जैदी की किताब My name is Abu Salem के मुताबिक, अबु ने राजा से हत्या करते समय फोन चालू रखने को बोला था और फोन पर उसने 10 मिनट तक गुलशन कुमार की चीख सुनी थी।

गुलशन कुमार का बिखरता परिवार

Gulshan Kumar
Image Courtesy : dontcallitbollywood

गुलशन कुमार के भाई कृष्ण कुमार और गुलशन के बेटे भूषण कुमार पर पहाड़ टूट पड़ा। सिर्फ 40 साल की उम्र में इस दुनिया से जाने वाले गुलशन कुमार का हस्ता-खेलता परिवार शोक में चला गया। हालांकि भूषण कुमार ने अपने पिता का कारोबार बढ़ाया और आज भरत की टॉप-5 म्यूजिक कंपनी में टी-सीरीज का नाम है। इसके अलावा इनकी बेटी तुलसी कुमार ने भी गायकी में अपना करियर बनाया और अक्सर सोशल मीडिया पर वे एक्टिव रहती हैं।

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